Public Opinion Survey — Recognition of the Rajasthani Survey on: Rajasthani Take Survey →
An independent research organisation

राजस्थान कृषि बजट 2026: कृषि में निवेश, जल संरक्षण और नवाचार की नई शुरुआत

खेमराज शर्मा एवं डॉ. विकास कुमार

राजस्थान कृषि बजट 2026 राज्य के किसानों के लिए एक दूरदर्शी और समावेशी पहल के रूप में सामने आता है, जिसका उद्देश्य कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक-आधारित बनाना है। इस बजट में सरकार ने स्पष्ट रूप से छोटे और सीमांत किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता दी है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ जल संकट, बढ़ती उत्पादन लागत और प्राकृतिक जोखिम लंबे समय से कृषि विकास में बाधा बने हुए हैं।

सूक्ष्म सिंचाई, फार्म पॉन्ड, डिग्गी और पाइपलाइन नेटवर्क जैसी योजनाओं के माध्यम से जल संरक्षण और जल प्रबंधन को मजबूत किया गया है, जो राजस्थान जैसे शुष्क राज्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

कृषि यंत्रीकरण, कस्टम हायरिंग सेंटर और सोलर पंपों के विस्तार से न केवल खेती की लागत कम होगी, बल्कि उत्पादकता और समय-प्रबंधन में भी सुधार आएगा। दलहनी और तिलहनी फसलों को प्रोत्साहन देकर फसल विविधीकरण और पोषण सुरक्षा पर ध्यान दिया गया है, जबकि वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों और सौर ऊर्जा जैसी पहलों से पर्यावरण-अनुकूल कृषि को बढ़ावा मिलेगा।

डिजिटल कृषि के तहत कृषि राजमैप्स ऐप और शोध संस्थानों की स्थापना किसानों को आधुनिक जानकारी और नवाचार से जोड़ने का कार्य करेगी। समग्र रूप से, राजस्थान कृषि बजट 2026 किसानों की आय वृद्धि, संसाधनों के संरक्षण और दीर्घकालिक कृषि विकास की मजबूत आधारशिला रखता है।

राजस्थान बजट 2026 में राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, लागत घटाने और कृषि को आधुनिक व टिकाऊ बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। इस बजट में सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, डिजिटल कृषि और फसल विविधीकरण जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश की घोषणा की गई है। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को सीधा लाभ पहुँचाना, जल संकट से निपटना और कृषि को लाभकारी बनाना है।

समूहिक तारबंदी योजना के अंतर्गत अब पहले की तुलना में कम किसानों की आवश्यकता होगी। पहले जहाँ 10 किसानों का समूह अनिवार्य था, अब केवल 7 किसान मिलकर आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही सरकार इस योजना में 70 प्रतिशत तक अनुदान देगी। इससे खेतों की सुरक्षा बढ़ेगी, जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से होने वाले नुकसान में कमी आएगी और किसानों की फसल सुरक्षित रहेगी।

Also Read  Declining Fertility of India and it’s future

कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कृषि यंत्रों पर 160 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की है। इससे ट्रैक्टर, सीड ड्रिल, स्प्रेयर, हार्वेस्टर जैसे आधुनिक कृषि उपकरण किसानों को कम लागत में उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे श्रम लागत घटेगी और उत्पादकता बढ़ेगी।

राज्य में 500 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से किसान किराए पर आधुनिक कृषि मशीनें ले सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से छोटे और गरीब किसानों के लिए फायदेमंद होगी, जो महंगे कृषि यंत्र खरीदने में असमर्थ होते हैं।

सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत लगभग 3 लाख किसानों को लाभ पहुँचाया जाएगा। ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई से पानी की बचत होगी, फसलों को समय पर सिंचाई मिलेगी और उत्पादन में सुधार होगा। यह योजना राजस्थान जैसे जल-अभाव वाले राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

दलहनी और तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए 130 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे चना, मूंग, उड़द, सरसों, मूंगफली जैसी फसलों का उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और राज्य में पोषण सुरक्षा भी मजबूत होगी।

हर ग्राम पंचायत में वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापित की जाएगी। इससे जैविक खाद का स्थानीय स्तर पर उत्पादन होगा, रासायनिक खाद पर निर्भरता घटेगी और मिट्टी की उर्वरता में सुधार आएगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय में नेशनल नेचुरल एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र शोध, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों के विकास में सहायक होगा तथा किसानों को वैज्ञानिक सलाह और प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

Also Read  Indian Public View on Military Action and Response to Ceasefire

आगामी वर्ष 50,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे। इससे किसानों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी, बिजली पर निर्भरता कम होगी और सिंचाई की लागत घटेगी। यह पहल पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होगी।

राज्य में 36,000 फार्म पॉन्ड (खेत तालाब) विकसित किए जाएंगे, जिससे वर्षा जल का संग्रहण संभव होगा और सूखे समय में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहेगा। इसके अतिरिक्त 8,000 अतिरिक्त फार्म पॉन्ड और 8,000 डिग्गियाँ बनाई जाएंगी, जो जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है।

15,000 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन नेटवर्क पर अनुदान दिया जाएगा। इससे खेतों तक पानी की बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी और जल रिसाव की समस्या कम होगी। साथ ही लगभग 50,000 किसानों को तारबंदी योजना के तहत लगभग 20,000 किलोमीटर क्षेत्र में अनुदान मिलेगा।

कृषि के डिजिटलीकरण के लिए “कृषि राजमैप्स ऐप” लॉन्च किया जाएगा। इस ऐप के माध्यम से किसानों को भूमि रिकॉर्ड, फसल जानकारी, मौसम पूर्वानुमान, योजनाओं की जानकारी और अन्य डिजिटल सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।

कुल मिलाकर, राजस्थान कृषि बजट 2026 किसानों के लिए सुरक्षा, सिंचाई, तकनीक, जल संरक्षण और डिजिटल सशक्तिकरण पर केंद्रित है। यह बजट न केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान करता है, बल्कि भविष्य की जलवायु और संसाधन संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कृषि को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

Author

  • My name is Khemraj Sharma. I am currently pursuing my Ph.D. at IIIT Vadodara. I hold a Master’s degree in Digital Society from the Central University of Rajasthan. Originally from Bandikui (Dausa), Rajasthan, my research and writing focus on real-life issues faced by students, the sustainable environment, and related social concerns.


    View all posts

Leave a Comment

Subscribe

Discover more from CAP Rajasthan

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading