परिचय
वर्तमान में RPSC उम्मीदवारों को प्रशासनिक शेड्यूलिंग, पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ियों जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं चुनौतियों को समझने के उद्देश्य से CAP Rajasthan ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) पर एक सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण में कुल 1008 अभ्यर्थियों ने भाग लिया।
यह भाग प्रश्न संख्या–3 “आपकी नज़र में RPSC की परीक्षा प्रक्रिया (जैसे प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन, परिणाम) कितनी पारदर्शी (Transparent) है?” पर केंद्रित है:
1. डेटा प्रोफ़ाइल (Data Profile)
| विकल्प | प्रतिक्रियाओं की संख्या | प्रतिशत (%) |
|---|---|---|
| पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह | 114 | 11.31% |
| अधिकतर पारदर्शी, कुछ छोटी कमियाँ | 371 | 36.81% |
| आंशिक रूप से अपारदर्शी | 221 | 21.93% |
| ज़्यादातर अपारदर्शी | 186 | 18.45% |
| बिल्कुल भी पारदर्शी नहीं है | 116 | 11.51% |
| कुल | 1008 | 100% |

1.1. प्रमुख निष्कर्ष (Key Findings)
- केवल 11.31% उत्तरदाताओं का मानना है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है, जो सीमित पूर्ण विश्वास को दर्शाता है।
- उत्तरदाताओं का एक बड़ा हिस्सा, 36.81%, व्यक्त करता है कि प्रणाली ज़्यादातर पारदर्शी है, लेकिन इसमें कुछ खामियाँ हैं, जिससे यह उत्तरदाताओं के बीच एक प्रमुख धारणा बन गई है। यह पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए मौजूदा कमियों को दूर करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
- कुल का एक-पाँचवाँ भाग (21.93%) उत्तरदाताओं का मानना है कि पारदर्शिता सीमित है। यह मध्यम स्तर के असंतोष का प्रतिनिधित्व करता है।
- 18.45% उत्तरदाताओं के बीच अविश्वास और असंतोष का एक उल्लेखनीय हिस्सा दर्ज किया गया है, जो पारदर्शिता के संबंध में बार-बार होने वाली चिंताओं का संकेत देता है।
- 11.51% उत्तरदाताओं का मानना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता का अभाव है, जो अविश्वास के मुद्दों को दर्शाता है और संभावित सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र को दर्शाता है।
2. क्रॉस-टैब विश्लेषण (Cross-tab Analysis)
2.1. RPSC पाठ्यक्रम डिज़ाइन (Syllabus Design)

- लगभग एक-तिहाई (36.8%) उत्तरदाताओं ने परीक्षा प्रणाली को कुछ खामियों के साथ अधिकतर पारदर्शी माना। यह संकेत देता है कि सकारात्मक पारदर्शिता की धारणा मौजूद है, भले ही पाठ्यक्रम डिज़ाइन पूरी तरह परीक्षा-उन्मुख न हो।
- लगभग 40% प्रतिभागियों ने परीक्षा प्रणाली को आंशिक या अधिकांशतः अपारदर्शी बताया, जो यह दर्शाता है कि पारदर्शिता को लेकर चिंताएँ व्यापक हैं और विभिन्न पाठ्यक्रम डिज़ाइन धारणाओं में कुछ हद तक परिलक्षित होती हैं।
- समग्र रूप से, जहाँ एक ओर परीक्षा प्रणाली को लेकर सीमित स्तर का विश्वास मौजूद है, वहीं पारदर्शिता से जुड़ी चिंताएँ भी व्यापक हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि प्रणाली में सुधार की आवश्यकता अभी बनी हुई है।
2.2. RPSC साक्षात्कार प्रक्रिया की निष्पक्षता (Fairness in Interview Process)

- 40.3% उत्तरदाताओं ने ज़्यादातर अपारदर्शी और आंशिक रूप से अपारदर्शी परीक्षा प्रणाली विकल्प को चुना। यह परीक्षा प्रणाली की प्रक्रियात्मक स्पष्टता और निष्पक्षता पर लगातार उठ रहे प्रश्नों को दर्शाता है।
- लगभग 37% उत्तरदाताओं ने बताया कि परीक्षा प्रणाली अधिकांशतः पारदर्शी है और इसमें कुछ कमियाँ हैं। इससे पता चलता है कि उम्मीदवार पूरी तरह असंतुष्ट नहीं हैं, पर प्रक्रियात्मक सुधार की अपेक्षा रखते हैं।
- कुल मिलाकर, साक्षात्कार प्रक्रिया में पारदर्शिता परीक्षा प्रणाली में उम्मीदवारों के विश्वास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, साथ ही प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है, ताकि उम्मीदवारों का विश्वास और संतोष बढ़ सके।
2.3. RPSC परिणाम जारी करने की प्रक्रिया (Process of Result Declaration)

- लगभग आधे (48.8%) उत्तरदाताओं ने कम पारदर्शिता के साथ विलंबित परिणामों का वर्णन किया। इस श्रेणी में अधिकांश उत्तरदाताओं ने उल्लेख किया कि परीक्षा प्रक्रिया ज़्यादातर अपारदर्शी या आंशिक रूप से अपारदर्शी है। यह उम्मीदवारों के एक बड़े वर्ग में परीक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर असहमति और असंतुलन की भावना को दर्शाता है।
- परिणामों की समयबद्धता और निष्पक्षता पारदर्शिता की धारणा को सीधे प्रभावित करती है। जैसे-जैसे देरी बढ़ती है, वैसे-वैसे विश्वास में कमी आती है।
- अतः यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि परिणाम घोषणा में समयबद्धता, निष्पक्षता और स्पष्टता पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रमुख कारक हैं।
3. निष्कर्ष (Conclusion)
- सर्वेक्षण के निष्कर्षों से स्पष्ट होता है कि RPSC की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उत्तरदाताओं में पूर्ण पारदर्शिता पर सीमित विश्वास है। यद्यपि एक बड़ा वर्ग प्रक्रिया को अधिकतर पारदर्शी मानता है, फिर भी खामियाँ, देरी और प्रक्रियात्मक अस्पष्टता पारदर्शिता को कमजोर करती हैं।
- विशेष रूप से पाठ्यक्रम डिज़ाइन, साक्षात्कार की निष्पक्षता और परिणाम घोषणा में समयबद्धता पारदर्शिता के प्रमुख निर्धारक के रूप में सामने आए हैं। अतः परीक्षा प्रणाली में स्पष्ट नियम, निष्पक्ष मूल्यांकन और समय पर सूचना सुनिश्चित कर ही पारदर्शिता और उम्मीदवारों का विश्वास सुदृढ़ किया जा सकता है।
नोट: ये सभी आँकड़े CAP Rajasthan द्वारा स्वतंत्र रूप से कराए गए सर्वेक्षण से प्राप्त किए गए हैं। किसी भी प्रकार की आपत्ति, सुझाव या स्पष्टीकरण के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।




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